शमशान घाट
शमशानघाट(cemetery) अक्टूबर 28, 2023 समंदर, नदी, नालो और गांवों के तलाबो के किनारों को घाट कहा जाता है प्राचीन समय में ये घाट नहाने धोने के घर के सारे काम यही पर होते थे है गांव के अपने घाट होते थे कारण साफ है सफाई के काम में पानी की आवश्कता होती है आज भी है धोबी का काम तो घाट बिना चल ही नही सकता इस लिए उस के नाम से धोबी घाट बन गया ऐसे ही एक नाम शमशान घाट या मुर्दा घाट भी बन गया जहा मुर्दो का संस्कार होने लगा हिंदू रीत के अनुसार शमशान घाट नदी के किनारे होना चाहिए और गांव से दुर होना चाहिए हिंदुस्तान का सब से बड़ा शमशान घाट बनारस में गंगा नदी के किनारे है और हरिद्वार का पवित्र घाट भी नदी के किनारे है जहा भी कोई नदी नजदीक से गुजरती है उस गांव या शहर का घाट उस नदी के किनारे होता है यह एक नेचुरल विदाई मृतक के लिए होती है आजकल शमशानघाट हर गांव और हर शहर के अपने अपने बन चुके है 70% देश के शमशान घाट इतने सुंदर है देख कर किसी marriage palace में confusion पैदा होता है इन के अंदर लोगो के बैठने के लिए,पूजा के लिए, सुंदर कमरे ...