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चडदी कला

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  चढदीकला(prosperious) नवंबर 24, 2023 चढदीकला एक पूर्ण सफलता का नाम होता है सफलता बोलने से इतनी energy फील नही होती जितनी चढदीकला बोलने से मिलती है इस का नाम लेते ही इंसान अपनी रैंक पदवी पर नजर डालता है जीवन एक स्ट्रगल है यह दुखों और सुखो  का घर होता है जीवन में बड़े बड़े दुःख और बिमारियां लड़ाइयां सब से भरा होता है बड़े बड़े अमीर लोग भी दुखी देखे जाते है बल्कि अमीर लोगो से गरीब अधिक खुश देखे जाते है कारण गरीब लोग प्राकृति से जुड़े होते है परंतु अमीर पैसे से जुड़े होते है गरीब या मजदुर शरीरक तौर पर चढदीकला में होते है चाहे पैसे से गरीब होते है अगर परमात्मा को देखना हो तो आप गरीबों की बस्तियों में देख सकते हो या इंटो के भठो पर देख सकते हो जनवरी के महीने में बच्चे नंगे पांव केवल एक कपड़े के साथ खुशी खुशी खेल रहे होते है पास से गुजरने वाले लोग देख कर रूक जाते है फील होता है परमात्मा इन के साथ है किसी भी temperature में चाहे गर्मी हो सर्दी हो इन के बच्चे नंगे पांव खेलते हैं                      इतिहास पढ़ने से पता चलता है गुरु...

सास बहू

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  सास बहु (Mother in law vs daughter in law) नवंबर 23, 2023  वैसे ना चाहते हुए भी मैं  इस ब्लॉग को लिख रहा हु सोचा मुझे अपने विचार लिखने चाहिए सास बहू का रिश्ता समाज में बहुत बदनाम है कुछ प्राचीन समय से बदनाम है कुछ अभी TV वालो ने इस को बड़ा चढ़ा कर इस का तमाशा बनाया हुआ है और हर जमाने में ऐसा हो चुका है मैं सोचता हूं इस जमाने में तो लोग पढ़े लिखे हैं सास भी पढ़ी लिखी है बहु तो उस से भी अधिक पढ़ी होती है फिर भी समस्या बाकी है बाहर देशों में इस रिश्ते से कोई लेना देना होता ही नही अपना अपना करो लेकिन वहा तलाक हर रोज,वहा मिया बीबी लड़ते रहते हैं वहा 50%तलाक हो जाते है हमारे देश में तलाक 1%से भी कम होते है एक गांव में 2500की आबादी में 10,बच्चे का तलाक देखने से मिलता है लेकिन सास बहु का झगड़ा 50%घरों में होता है सास बहू चाहे अमीर हो चाहे गरीब सब में देखने से मिलता है श्रीमती इन्दिरा गांधी का अपनी बहु मेनका जी से हो गया था जब वह देश की प्रधान मंत्री थी उन दिनों मैने अखबार में पढ़ा था कारण कोई भी हो सवाल ये है मां और लड़की का ऐसा क्यों नही होता क्या mother के पास दो समाज होते है...

Waiting इन्तजार

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  इंतजार (waiting) नवंबर 23, 2023  इंतजार दर्द देता है या परेशान करता है इंतजार चाहे खुशी का हो या गमी का हो  हमारी एकाग्रता को बांट देता है दुसरे काम पर इस का असर पड़ता है मानलो आप किसी रिश्ते दार को रेलवे स्टेशन पर रिसीव करने पहुंचे तो पता लगा गाड़ी 2घंटे लेट आ रही है अभी आप इस समय को कैसे निकालना है आप को समझ नही आ रही कुछ समय के बाद आप आने वाले रिश्तेदार पर negative सोचना शुरू करोगे इस ने प्लान ठीक नही किया या इस की किस्मत अच्छी नहीं है या रेलवे वालो पर negative सोचना शुरू होगा कारण अपने घर से बाहर जाने से हमारे मन की freedom गुलाम हो जाती है या मन की तरूंत मिलने की इच्छा पुरी नही होती जिस से attraction कम हो जाता है मन नेगेटिव सोचने लगता है अगर  किसी lover की ट्रेन लेट हो जाए तो फिर इंतजार अधिक कठिन हो जाता है ,शादी के दिन का इंतजार वह सोचता है 24घंटे का दिन गलत है 12घंटे का होना चाहिए अगर किसी का पैसा लोटाने की तारीक मिली हो तो सोचता है दिन 50घंटे का होना चाहिए यहां उसे लम्बा इंतजार अच्छा लगता है मन शेतान होता है किसी की गुलामी नही करना चाहता    ...

खुश के रिश्ते

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  खुन के रिश्ते(Blood relation) नवंबर 22, 2023  रिश्तों के बिना जीवन असंभव होता है नए रिश्ते जन्म से और शादी करने से बनते है इन में कुछ रिश्तो को खुन के रिश्ते बोला जाता है जैसे पति पत्नी, मां बाप,भाई बहन,दादी दादा,बहु,पोती पोता ये खुन के रिश्ते होते है इन को कानून ने भी मान्यता दे रखी है बाकी रिश्ते जिन को हम अंकल आंटी बोल के बुलाते है है वह हमारे दुर के रिश्ते होते है indirect होते हैं भतीजा भतीजी भी दुर का रिश्ता ही होता है मतलब जिन का दुसरे घर से संबंध हो, समाज के इन रिश्तों में कहीं भी एक पैसे की गलती नही है समाज ने हर रिश्ते का नाम दे रखा है नाम के साथ उस का रैंक उस की पदवी दे रखी है  पिता की बहन को बुआजी माता की बहन को मासी जी इन का आदर सम्मान अधिक होता है क्योंकि हमारे मां बाप के status जैसे होते है और बड़ा रिश्ता ताई जी और ताआ जी ये रिश्ता भी पिता जी जैसा होता है लेकिन इन के घर अलग अलग होते है और रिश्ते मामा मामी, चाचा चाची ,जीजा साली, नाना नानी आदि रिश्ते सब मिल के जीवन को पार लगाते है वरना जीवन नर्क जैसा हो गा रिश्ते बने रहते है अगर आपस में आना जाना बना रहे जित...

Character चरित्र

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  चरित्र (Character) नवंबर 21, 2023  किसी बंदे के गुणों और व्यवहार से उस का चरित्र बनता है या यूं कहे जिस बंदे को लोग अधिक पसंद करते है उस का चरित्र अच्छा होगा और जिस बंदे को लोग नफरत करे उस का चरित्र अच्छा नहीं होगा समाज में 70% ये पड़ताल सही होती है लेकिन पूर्ण सच नहीं होता सरकारी नौकरियों में हर कर्मचारी और अधिकारी का annual character role (ACR) हर साल senior लिखता है उस में अलग अलग colume होते है उस की personlity में उस का ववहार,उस की गलतियां उस की ईमानदारी उस की वफादारी उस की smartness उस की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार उस का कैरेक्टर लिखा जाता है इसी के आधार पर उस को प्रमोशन मिलता है अगर उस को कोई punishment हो चुकी है उस की वजह से उस का permotion में देरी हो सकती है On ground भी उस बंदे के साथ काम करना खतरे से खाली नही होता जिस का Bad character घोषित हो चुका है समाज में अधिकतर character का ध्यान उस की शादी  की engagement के समय रखा जाता है पूछता छ ही एक जरिया होता है लड़का या लड़की उचित है या नही अगर पता चले लड़का शराबी कुआबी है तो रिश्ता नही मिलता ऐसे ही लड़की का पता ...

समझोता compromise

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  समझोता (compromise) नवंबर 21, 2023  समझोता एक शान्ति का प्रतीक है जब किसी दो आदमियों या किसी ग्रुप में लम्बे समय से झगड़ा चल रहा हो आखिर दोनो पार्टी समझोते की ताकत को समझने लगे और दोनो पार्टी अपनी जिद को कम करे या छोड़ दे या लम्बे समय से न्यालय के चक्कर लगा लगा कर थक जाए या फिर किसी बिचोले की counciling करने से समझोता हो जाता है जिस से हमारा future सुरक्षित हो जाता है लड़ाई झगड़ा मूर्खो को ही अच्छा लगता है बुद्धिमान आदमी पहले मौके पर समझोता कर लेते है ऐसे नही की बुद्धिमान से कोई गलती या एक्सीडेंट नही होता सब के साथ दुख सुख होते है लेकिन किसी गलती को समय सिर संभालना ही बुद्धिमता होती है बड़े बड़े देश भी जंग को रोकने का एक मात्र समझोता ही करते है गुस्सा ही एक मात्र रुकावट होता है जब बंदा थक जाता है तो गुस्सा भी automatically ठंडा पड़ जाता है और समझोता हो जाता है घर के अंदर भी मिया बीबी के समझोते होते रहते है और टुटते रहते है समय आगे बढ़ता रहता है जब मिया बीबी बुड्ढे होने लगते है फिर उन को किए हुए समझोते मीठे लगते है और गुस्सा दुश्मन लगता है ।          ...

Pride अन्नख

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  अन्नख (proud) नवंबर 20, 2023  जिस जात कौम में अन्नख़ खत्म हो जाती हैं वह जाति जमात देश सब मिट जाते है अन्नख या proud से हम रिचार्ज होते रहते है हमारे धर्म भी अन्नख को जगाते है अन्नख हमे बहादुर बनाती है महाराणा प्रताप एक अन्नखिले राजपुत योद्धा थे Akbar the great कहलाने वाले राजा को आखिर राजपुत योद्धा से लम्बा टाकरा करने के बाद भी कुछ हासिल नहीं हुआ था महाराणा प्रताप ने 25साल अपना strugle जारी रखा और मुगलों से अपने राज्य फिर से विजय कर लिए अपनी राजपुत अन्नख को बरकरार रखा  छत्रपति शिवाजी और गुरु गोबिंद सिंह और महाराणा प्रताप तीन ऐसे योद्धा हुए है जिन्हो ने देश की आनशान को संभाल कर रखा और जुलम का डट कर मुकाबला किया वरना देश की अन्नख़ मिट जाती गुरु गोबिंद के छोटे साहिबजादो की अन्नख पर नजर डाले या विचार करे तो आप हैरान हो जाओगे 7साल और 9साल की उम्र में वह शहीद हो गए लेकिन मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं किया जिस के बाद उन को जीवित नीव में  चिनवा दिया गया गुरु अर्जुन देव और गुरु तेगबहादुर जी ने भी देश के लिएअपनी जान दे दी लेकिन जुल्म को स्वीकार नहीं किया आखिर सच की विजय हुई...