Reality


 दुध

 दुध से दही, मखन,पनीर ,लस्सी,चाय,काफी,खीर,खोया, मिठाई आदि ऐसा कोई घर नही जिस को दुध की आवश्कता न हो घर में दुध ना होने से घर कमजोर समझा जाता है 1950 के दशक के दौरान दुध बेचना पुत्र बेचने के समान समझा जाता था सबक होता था जिस घर में दुध नही या भैंस नही उस घर को लड़के का रिश्ता नही होता था या फिर दहेज में लड़की के मां बाप लड़की को भैंस देते थे ताकि उस के बच्चे बहादुर हों आज गांवो को दुध ने अमीर बना रखा है खेती से घास मिल जाता है  पशु का गोबर भी बिकता है गोबर में सौना खेत में डालो तो फसल दो गुनी होती है पशुओं के साथ स्वस्थ भी बनता है पशु की सेवा भी भाग्य बनाती है मशीनरी ने सारे   शरीरक सुखों को खत्म कर इंसान को डॉक्टरों के पास भेज दिया डालो 5लाख के घुटने कुदरत के साथ छेड़ छाड़ पैसा तो मिल जायेगा लेकिन खुशियां नही खुशी केवल हाथ से काम कर के ही मिलती है बाकी सब बनावटी है

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