नया पुराना साल मन का शोर
नया पुराना साल मन का शोर
नया साल तभी सही बैठेगा अगर हम पुराने सालो में होने वाली गलतियां फिर नए साल में ना दोहराए और नए साल के हर कार्य को योजना बना कर अपने बजट अनुसार पालन करें कच्चे काम के नतीजे अर्थात अपना होम वर्क किए बैगार कोई भी काम शुरू करोगे तो नए साल की क्या गलती होगी परमात्मा तो किसे के रास्ते नही रोकता बल्कि वह तो हम सब की मुफ्त में मदद करता है मानसिक तौर पर कमजोर व्यक्ति इस भ्रम में फस जाता है और अच्छा मौका हाथ से निकल जाता है वस्तु कला भी आप को आलसी और भ्रमवादी बनाती है घर दुकान का मुंह इधर होना चाहिए उधर होना चाहिए सही बात यह है की आप की दुकान आबादी में होनी चाहिए और आप का व्यवहार ठीक होना चाहिए मेहनत तो आसमान में सितारों को छुने जाती है हमारे घर से मिले अच्छे संस्कार हमारे रक्षक होते हैं ना की नया साल हमारा स्वभाव हमारी कमाई होता है आदमी उत्साहित है जब वह Timetable योजना बना कर कार्य आरम्भ करता है शुरुवात अच्छी होती है इसी अच्छी शुरुवात को हम साल के पहले दिन से करे साल अच्छा ही होगा सुस्त शुरुवात Demorale करती है मुहर्त सावधानियों को ही कहते हैं परहेज और सावधानी जीवन की रक्षा करती हैं साल को अच्छा बनाती हैं जो काम करेगा गलती उस से हो सकती है गलती का सुधार हो जाता है साल क्यों बुरा गुरुवाणी में लिखा :हम नही चंगे बुरा नही कोए;। कोई बुरा नही होता हम ही गलत होते हैं

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