कार्य और मंनोरंजन entertainment wn work






 कार्य और मनोरंजन

Two - in - one

 जितने ये लोग खुश देखे जा सकते हैं उतने अदानी अंबानी भी खुश नही देखोगे कारण शरीरक तौर से काम करने से जो खुशी मिलती है वह आप का एक प्राकृतिक आनन्द होता है कहने के लिए दुकान दफ्तर चलाना भी कार्य होता है उस में केवल मन खुश होता है इस में दोनो मन और शरीर खुश रहते हैं मेले में लोग क्यों खुश होते है वहां लोगो की चहल पहल होती है ऐसा ही दृश्य मनेरगा स्कीम जो प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने चलाई थी वह किसी को मुफ्त में पैसा नही बांटना चाहते थे इस स्कीम के दौरान गरीब लोगो को हर साल 100 दिन का काम दिया गया जो उन के गांव के चारो तरफ तालाब सड़क बाग आदि में करना होता है 370/रूपए एक मजदूर को प्रतिदिन मिलते हैं साथ में फ्री का मनोरंजन आपसी live सुचनाए अपने गावों सबंधित प्राप्त होती हैं ये लोग स्वस्थ देखे जाते हैं दुख की बात है सरकारे इस पैसे को काम की बजाए वोट के बदले काम बंद कर रही हैं पहले औरतो को झुठे बाबे संतो फकीरों ने लुटा अभी सरकार इन का  शोषण कर रही है झुठी सकीमो राशन के के नाम वोट को  खरीदा जा रहा है ये अनपढ़ औरते नही जानती लोकतंत्र क्या होता है सरकार गरीबो के नाम से उन को अपना मित्र बना कर मध्य स्रैणी को खत्म कर रही है कारण 35% मध्य और ऊच स्रैणी के लोग वोट डालने नही जाते  आप ने देखा वोट वाले दिन बाजार ऑफिस खुले रहते हैं। एक दिन ऐसा आए गा जब ये गरीब मुखौटा पहने लोग आप के बच्चो की प्रॉपर्टी पर कब्जा करेंगे सरकार और बड़े उद्योग पति यही चाहते हैं देश में हाजिर पार्टी के पास कितना। पैसा है कहां से आया किस लिए  केवल उन लोगो के लिए जो वोट बेचने के इच्छुक हैं बिहार में क्या हुआ पुरषो की जरूरत ही नहीं इस देश में ऐसा हुआ पति पत्नी में फुट डलवा दी जिस की लाठी उस की भैंस,बस मुफ्त खोरी का नशा देश में फला कर उन को खाली बैठा खत्म करना है खाली बैठना एक जहर होता है वोट बेचना गद्दारी होती है

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