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 यादें

Ex सुबेदार मेजर 2009

आज 16साल बाद मुझे अपनी ड्यूटी के दौरान golden Art सुनहरी कला की याद आई वह थी नौकरी के दौरान कोई भी हुकम फौजी/सरकारी/प्राइवेट हो पहले अपने ऊपर लागु करो हररोज करो हरमहीने हरसाल करो अपनी आदत में शामिल करो और डट के ईमानदार रहो जितना हो सके अपने जूनियर से अधिक काम करो चाहे  फौज हो या सिवल हो फिर देखो प्रशासन में सुगमता और एकता इस नियम के अन्दर आप को बढ़ती उम्र में मिलने वाली कुछ रियायतों को नजरअंदाज करना पड़ेगा अगर आप तंदुरुस्त हो अपने जुनियर का हौंसला बढ़ाओ आगे लगो  परमात्मा से Health मांगों पैसा ना मांगो Health पैसा ही होता है पदवी बढ़ने का अर्थ आप की जिम्मेवारी बड़ी है ego बढ़ गई तो आप ही दुखी होंगे स्टाफ में कुछ ऐसे लोग भी होते है जो देश के प्रति अपनी पलटन के प्रति वफादारी को ego बता कर नुक्ताचीनी करते हैं लेकिन सच्चाई हररोज ताजा रहती है नजर भी आती है इसी संदर्भ में मैं अपनी आर्मी की जॉब का तुजरब्बा शेयर करता हूँ मैं अपने जवान के आखरी रैंक सुबेदार मेजर पर पहुंचा मैने सोचा बड़े छोटे के चक्कर में नहीं पड़ना पहले हुकम अपने पर लागु करना है सेना में कई टेस्टों में एक टेस्ट battle  physically efficiency Test(BPET) होता है इस में 5kms की runing अपनी राइफल अपना जरूरी सामान पानी आदि शरीर के साथ रख भागना होता है इस का excelent का समय 24 minuts Good का 24.5  satisfactory 25 minuts और poor का 26 minuts शायद ऐसा मुझे याद है Flying sikh मिल्खा के जमाने में  यह  टेस्ट 2 kms का था  मिल्खा सिंह भी फौजी थे वह इस टेस्ट में भाग लेने में संकोच करता था चाहे  उस ने 1962 के Rome olyompic में चौथे नम्बर पर आने के बावयूद भी पिछला दुनिया का रिकॉर्ड  200मीटर का तोड़ दिया था 5kms टेस्ट का प्रेशर हर जवान पर रहता है कई  जवानों के हौंसले को चोट मारता है PT चाहे हर रोज होती है कारण इस टेस्ट में दृढ़ता की आवश्यकता होती है  लेकिन इस टेस्ट में मेरा मन तन बहुत खुश होता था पूरी सर्विस  इस टेस्ट में excelent में रहा चाहे SM के समय यह उम्र के slab में मुझे लागु नहीं था मैं  मेरे जवान जेसीओ हफ्ते में चार PT मै BPET White dress  and combat Dressमें प्रॉपर 5kms और चार साल यही सिलसला चला मेरे जवान jcos मुझे हररोज देख बहादुर बन गए  खूब आज्ञाकारी बन गए  मैं कभी कोई खिलाड़ी भी नही रहा बस God gift फॉर्मेशन (arty) ambala के सालाना ADM के नतीजे देख आसपास की पलटन फॉर्मेशन से पीछे थी फॉर्मेशन ने जवानों को सोना  बना कर वापिस पलटन भेजा यह आपसी प्यार का नतीजा था रिटायर्ड होने के 6महीने बाद मैं और मेरी wife गैस के कार्य गैस के स्टोर में गए वहां एक नायक हमें देख इमोशन हो गया उस की आंखों में आंसू देख मैं हैरान कहने लगा हम हररोज शाम आप  को याद करते हैं एक दुसरे को पुछते हैं किसी को मिले SM बोलने लगा बोलते नहीं मैने माफी मांगी मै गांव में व्यस्त हो गया उस के बाद हम CSD में गए वहां सुबेदार पंडित जी और मेरी जगह नए sm ने हमें देख लिया पंडित जी दिल छोटा कर उस SM के सामने बोलने लगे आप की मंदिर में कमी पूरी नही हो रही मंदिर से मेरा अथाह प्रेम था ऐसे ही मेरे जवान jcos प्रेमी बन चुके थे अचानक प्रभु प्रेम में गिरावट नतीजा कॉम्प्लेक्स के अंदर मंदिर के बगल में VIP गाड़ी पोल से टकराई DVR की मौत हो गई तब मुझे पता चला मेरे चार साल मेरे और मेरी पुरी फॉर्मेशन पर ईश्वर की आपार कृपा रही चाहे मौत परमात्मा का हुक्म है परंतु जवाबदेही पलटन फॉर्मेशन में SM की होती है ऐसा तभी होता है जब अनुशासन fika पढ़ने लगता है चाहे सिविल हो स्कूल कॉलेज हो पदवी enjoy करने के लिए नही होती।

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