NATO


 NATO (North Atlantic organization)2025

 32 मुल्क, देश

पिछले साल 2025 में इन सब 32देशों की ट्रंप की अध्यक्षता में मीटिंग हुई थी यह संस्था 1949 में बनी थी जब हिटलर की तानाशाही जैसी सोच दुबारा पैदा न हो मकसद यह था की इन 32 मुल्खो या देशों में किसी एक पर भी कोई हमला होता है तो यह हमला 32 देशों पर समझा जायेगा लेकिन अभी 32 देशों का कहना है हमला ईरान पर  हमारी पार्टी ने किया है इस लिए इन सभी 32 मुल्को ने ट्रंप को जवाब दे दिया है बाकी सारे संसार ने भी जवाब दे दिया है अभी ट्रंप ने यह बोल कर और भी गलती की है जाओ हमे तुम्हारी जरूरत नहीं है चलो ईरान तो एक छोटा सा देश है आप दो मिल कर लड़ रहे हो दूसरो को बोल रहे हो तुम भी आओ अपने अकेले पर भरोसा क्यों नही है कारण अमरीका गुरिल्ला युद्ध नही लड़ सकता कोई भी ईसाई देश नही लड़ सकता 1842 में इंग्लैड अफगानीस्तान जीतने के लिए5 साल तक लड़ता रहा आखिर शर्मनाक संधि हुई जब इंग्लैंड की फौज वापिस निकले तो गुरिला युद्ध विधि से 20हजार से अधिक गोरी फौज को मार दिया केवल एक अफसर बचा था जो एक लंगड़ी घोड़ी से वापिस काबुल आ गया उस के बाद  रूस 20साल तक अफगानिस्तान में लड़ता रहा बिना जीते वापिस फिर अमरीका 20साल तालिबान के साथ   बिना जीते वापिस बल्कि तालिबान को बागडोर देना पड़ा केवल महाराजा रणजीत सिंह इन के विरुद्ध सफल हुए थे लेकिन उन की मृत्यु के बाद पकड़ ढीली पड़ गई धर्म की लड़ाई कभी खत्म नहीं होती इस लिए  इजराइल ये ना समझे इन के साथ लड़ते 40साल हो गए समस्या हल हो रही ये तो बड़ रही है अभी तो isreal का भांडा फुट गया अगर अमरीका साथ न होता यह खत्म था अभी अमरीका को सारे देशों ने जवाब दे दिया है सब से बड़ी हार है अभी रास्ता भी अमरीका को ही खोलना होगा वह अपराधी है लड़ाई अमेरिका बॉस बनने के लिए शुरू  करे मरने के लिए दुसरे तुम अपने जवान भी मरवाओ और जीतो गुरिल्ला जंग कब तक पहाड़ों से लड़ोगे जनता को बड़का कर तख्ता पलट करो यह कहने के लिए बड़ा आसान लेकिन Hormuzj में लड़ना ईरान को आसान रहेगा खर्चा भी कम  क्यों की टारगेट केवल 4X25 किलो मीटर पानी की दो सड़के हैं एक जहाजों के जाने की दुसरी आने की  इन रास्ते से जहाज एक दुसरे के रास्ते में नही जा सकते सामान loaded जहाज गहरे पानी  वाली  सड़क ईरान के अपने स्थानीय इलाके में है अभी चलती लड़ाई में जहाजों को निकलने का रिस्क कौन लेगा लेना चाहिए भी नही क्यों की जहाज निकलने के बाद भी ईरान दुसरी जगह निशाना बना सकता है  आज की लड़ाई में  सामने जाने की जरूरत नहीं है एक एक दिन का तेल की कीमत पर असर होगा आप छोटे लेवल पर सोचो झगड़े वाला प्लॉट कोई खरीद नही करता ट्रंप दुसरे मुलखो को इस प्लॉट में घर बनाने जैसा मौत को मासी कौन कहेगा अगर ईरान का दावा की वह एक साल तक लड़ने की क्षमता रखता है यही पर लड़ सकता है खुली जंग सब के साथ नही लड़ सकता तेल का असर सब से अधिक चीन भारत जापान दक्षिण कोरिया को है इसलिए इस रास्ते की लड़ाई में ईरान हार कर भी जीत जायेगा

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Childhood बचपन

प्रजातंत्र सरकार(DEMOCRACY)