Dhol sammi (panjabi love story)


 

ढोल सम्मी
ढोल  पति होता है सम्मी उस की पत्नी ढोल के माता पिता एक रियासत के मालिक होते हैं अर्थात राजा रानी ढोल की  घर में एक कुआरी बहन भी होती है मां बाप का एक ही पुत्र होने की वजह से ढोल एक बेफिकर इंसान होता है अपनी दिनचर्या के मुताबिक ढोल शिकार का पीछा करता हुए घर से   दूर चला जाता है वह दुसरे राजे के इलाके में घुस जाता है रात होने पर वह उस के साथी एक बाग में विश्राम करते हैं इस की खबर बाग का माली अपने राजे को देता है सुबह राजा रानी उस की लड़की बाग में ढोल से मुलाकात करते हैं आप किस देश से आए हो राजे की  लड़की ढोल को देख उस पर मोहित हो जाती है अपने मां बाप को सलाह देती है की मैने ढोल को अपने राजमहल में रखना चाहती हुं
           दुनिया में लाईलग बेअकले लोगो की भरमार होती है  गंगा गए गंगादास यमुना गए युमना दास,ढोल राजकुमारी के जाल में फंस गया उस ने अपने साथियों को वापिस जाने के लिए बोल दिए रास्ते में उस के साथियों को जंगलों में जंगली जानवरों से मरवा दिया ताकि वह ढोल के मां बाप को कोई  खबर न दे सके उधर ढोल  के पिता ढोल का इंतजार करते मर गया और मां  एक ही दरवाजे को हररोज देख देख कर अंधी हो गई पत्नी प्रार्थना कर कर थक चुकी जब कई साल बीत गए तो ढोल को अपने मां बाप की याद आई तो उस ने अपनी प्रेमिका से कहा  मैं अपने मां बाप को मिलना चाहता हूं उस ने कहा मैं messenger तोते को भेजती हूं वह खबर लेकर आएगा जब तोता ढोल के घर पहुंचा उस ने देखा ढोल के चाचा अहमद ने ढोल की मां उस की पत्नी उस की बहन को कैद में रखा है ढोल की सारी रियासत को हड़प चुका है कैद में औरते चक्की चला रही है मां मर चुकी है तोता के पैरो में मैसेज खोल कर राजकुमारी फाड़ देती है ऐसे मूर्ख पति आज भी बहुत है जो दुसरी औरतों की संगत करते हैं उन के कहने में आ कर अपने मां बाप अपने परिवार को भूल जाते हैं कुछ लिखारी लिखते है औरत को समझना हर बंदे के बस की बात नही होती जब ढोल को होश आई वह उसे छोड़ वापिस आया आगे सब कुछ लुट चुका था अपनो ने ही लुट लिया सुंदर औरत का मकसद दुसरे को बर्बाद करना होता है जीवन से उसे कोई लेना देना नही होता समझदार औरत  सुन्दरता को दुश्मन समझती है यह  चार दिन की चांदनी होती है सुंदरता व्यवहार में होती है जिस का आनद जीवन होता है

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