संदेश

Thought

चित्र
 See on post

मन शतान mind mischiefeous

चित्र
 मन शैतान(Mischievous mind) अगस्त 27, 2025 Mischiefeous mind scene  अपने धर्म ग्रंथों को पढ़े तो  पता चलता है की मन शरारती भी होता है और यह बहुत बलवान भी होता है,मन के जीते जीत मन के हारे हार,भगत कबीर जी ने लिखा है कह कबीर सुनो रे संतो ऐ मन उड़न पखेरू बन का,गुरुग्रंथ साहिब में गुरुनानक जी ने लिखा है मन बस आवे नानका पूर्ण होवे भाग,अर्थ जिस बंदे ने अपना मन अपने बस में कर लिया वह भाग्यशाली है वरना ये शरारती होता है शरारते करने या सुनने में बहुत खुश होता है जब कोई आदमी औरत पुजा पाठ करना चाहता हो उस को रोकेगा इस में क्या पड़ा है दारू की बोतल खोलो और पियो और झगड़ा शुरू करो अगर कोई student पढ़ना चाहे मन कहे गा  पढ़ाई में कया पड़ा है इश्क करो किसी से लव करो,मन को पूछे भला केवल लव से पेट भर जाए गा,कठिन काम इस का दुश्मन होता है कभी कभी तो यह कत्ल करना भी ठीक बताएगा                  दुसरा पहलु मन का ये है जिस ने इस को काबू कर लिया उस ने इच्छा फल पाया है इस में कोई दो राय नहीं है याद रहे  अपने मन को मारना नही चाहिए समझाना चाहिए य...

Thought

चित्र
 See om post

Thought

चित्र
 See on post

Thought

चित्र
 See on post

यादें memories

चित्र
 यादें यादें अमर होती है मरने से पहले और मरने के बाद दोनो समय में काम करती है बुढ़ापे में बचपन की यादें बुजर्ग को जीने का सहारा देती है मरने के बाद उस की यादें दुसरे को प्रेरित करती है यादें ताजा रखती है जवानी की याद आने से इंसान फिर जवान महसूस करता है खट्टी मीठी यादों को याद  कर इंसान अपने बीते समय का मुल्यकण करता है कुछ ऐसी यादें जो पछतावा प्रगट करती है मैने वह ठीक नही किया था  किसी की भलाई मे किए कार्यों की याददस्त अधिक होती है दुखो में गुजरे समय की याद कभी नही भूलती  कुछ यादें  असहनीय होती हैं पति पत्नी की याद बहुत गहरी होती है एक साथी के मरने पर दुसरे साथी का जहान उजड़ जाता है तुजरबे से पता चलता है जब एक साथी चला जाता है तो दुसरा भी अगले 5- 6 साल में चला जाता है इश्क बाजी में अपने प्यारे की यादें शरीर का पिंजर बना देती हैं tomb,  memorial  और तस्वीरे  बड़ी काम की चीजे होती है इंसान के अच्छे कार्य  की यादों को दुनिया में बनाए रखती है देश में महात्मा गांधी डॉक्टर अंबेडकर आदि के सैंकड़ो मेमोरियल स्थल बने हुए है मकसद उन की याद को ताजा रखना च...

चकबंदी मुरब्बेबंदी

चित्र
 भुमि की चकबंदी मुर्बबेबंदी 1947 से पहले हिंदुस्तान पाकिस्तान एक ही था इसे ब्रिटिश भारत कहते थे1880 ईसवी के आसपास इतने बड़े देश की आबादी 22करोड़ के आसपास थी लेकिन देश का क्षेत्रफल बहुत बड़ा था अधिकतर भुमि जंगलों से ढकी हुई थी नदियों की संख्या बहुत थी पंजाब में तो पांच बड़ी नदियां सतलुज बियास रावी झेलम और सिंध  समतल इलाको से बहती थी फिर भी अनाज की कमी थी कारण उपजाऊ खेतो की संख्या कम थी गांव के आसपास ही खेती होती थी गांव की दो दिशा में एक साल दुसरी दो दिशा में अगले साल अर्थात एक साल खाली रखने के बाद ताकि भूमि की ताकत इकठ्ठी हो सके पानी के साधन केवल बरसात पर निर्भर थे गोरी सरकार ने इस पर अध्यन किया और कनाडा अमरीका वाला फॉर्मुल चकबंदी मुरब्बेबंदी को पश्चिमी पंजाब के लायलपुरा शेखुपुरा सियालकोट में पुर्ण तौर पर 1920 से शुरू कर दिया गया  इसे बार का इलाका बोला जाता था अंग्रेज सरकार ने पूर्वी पंजाब से पंजाबी किसानों को उत्साहित किया जितना कोई जंगल काट कर उपजाऊ जमीन बनाए वह उसी की होगी नाममात्र मुल्य पर आप जानते हो जमीन या भुमि जट जाट की जान होती है बस फिर क्या था लोगो ने सैंकड़ो ए...