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 दुख दर्द कुछ ऐसे दुःख होते हैं जिन का सम्बंद केवल पैसे की वजह होता है पैसे की कमी जब पुरी हो जाती है दुख भाग जाता है कुछ दुःख शरीर की बीमारी सबंधी होते हैं जब बीमारी की पहचान हो जाती है तो इंसान ठीक हो जाता है लेकिन मौत का दुख जिस का कोई इलाज नहीं कोई बदल नही होता अगर मौत बेवक्त हो गई तो आर्थिक नुकसान भी होता है मौत का दुख या सुख उम्र भर का होता है अगर इंसान अपना पुरा जीवन 80-90साल निकाल लेता है ऐसी मौत का सुख होता है उस की vacancy घर में दुसरे को मिल जाती है और कमाई बड़ जाती है यह सफल जीवन होता है               अगर किसी बहु बेटी का पति शादी के 7-10साल में मर जाए या पत्नी मर जाए तो यह पक्का मानिए फिर जुगाड ही बचता है जीवन नही बचता बच्चो के लिए धक्के के मौके बन जाते हैं अगर remarriage भी होती है बच्चो के साथ सतौला शब्द झुड़ जाता है 100 चाचा भी एक पिता नही बन सकते सतौली मां का इतिहास पढ़ने से पता चलता है भगवान राम जी के साथ क्या नही हुया सतौली मां की वजह से बनवास जाना पड़ा था सचाई है पत्नी पति के बिना नहीं रह सकती उस को remarriage करना जरूरी है अगर...

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 दुध  दुध से दही, मखन,पनीर ,लस्सी,चाय,काफी,खीर,खोया, मिठाई आदि ऐसा कोई घर नही जिस को दुध की आवश्कता न हो घर में दुध ना होने से घर कमजोर समझा जाता है 1950 के दशक के दौरान दुध बेचना पुत्र बेचने के समान समझा जाता था सबक होता था जिस घर में दुध नही या भैंस नही उस घर को लड़के का रिश्ता नही होता था या फिर दहेज में लड़की के मां बाप लड़की को भैंस देते थे ताकि उस के बच्चे बहादुर हों आज गांवो को दुध ने अमीर बना रखा है खेती से घास मिल जाता है  पशु का गोबर भी बिकता है गोबर में सौना खेत में डालो तो फसल दो गुनी होती है पशुओं के साथ स्वस्थ भी बनता है पशु की सेवा भी भाग्य बनाती है मशीनरी ने सारे   शरीरक सुखों को खत्म कर इंसान को डॉक्टरों के पास भेज दिया डालो 5लाख के घुटने कुदरत के साथ छेड़ छाड़ पैसा तो मिल जायेगा लेकिन खुशियां नही खुशी केवल हाथ से काम कर के ही मिलती है बाकी सब बनावटी है