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यह काला इंजन अपने जमाने का लोगो के लिए देवता बन कर 1855ई में इंग्लैंड से भारत पहुंचा और भारत में रेलगाड़ी चलने लगी धीरे धीरे 1904 तक पुरे देश में रेल लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया जिस के फलस्वरूप पूरे देश में सवारी और माल़ गाडियां चलने लगी पशुओं को समान और सवारी के अधिक काम से राहत मिली इंसान को पैदल चलने से राहत मिली इंग्लैड में इस इंजन की खोज 1804में हुई थी इंग्लैंड में पहली रेलगाड़ी 1804में चली थी ब्रिटिश भारत इंग्लैंड की मेहरबानी से जल्दी रेलवे को develop कर गया था लगभग 125 साल इन स्टीम इंजनो ने देश की सेवा की बाद में डीजल इंजन फिर इलेक्ट्रिक इंजन आ चुके है आजकल इलेक्ट्रिक इंजनो का जमाना है।
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