After independence 1947
आजादी के बाद
आजादी से पहले 90% लोगो के यातायात के साधन पशु थे जैसे घोड़ा बैलगाड़ी टांगा ऊंट आदि किसी धनी आदमी के पास साइकिल थी घोड़ा भी धनी लोगो के पास था आप गुलामी का अंदाजा लगा सकते हो अंग्रेजो की इच्छा केवल रोटी पानी तक ध्यान रखना था लम्बरेटा स्कूटर का आगमन1947 में इटली के एक जिला लम्बरेटा में हुआ दुसरे महायुद्ध में इस की अवशकता को समझा गया ताकि लोगो से अधिक से अधिक समय तक मिला जा सके बाद में लम्बरेटा स्कूटर का 1960- 70 के दहाके में भारत में आगमन हुआ बड़े बड़े शहरों में इसे देखा गया इस का अनुसरण करते हुए बजाज ऑटो कंपनी ने 1972 में बजाज चेतक स्कूटर का निर्माण किया इस स्कूटर का नाम महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक से लिया गया इस स्कूटर को खरीदने के लिए 10साल तक अपनी बुकिंग का इंतजार होने लगा घर में बजाज शब्द परिवार का अपना बन गया लोग लड़की की शादी में देने से अपने आप को खुशकिस्मत समझने लगे इस के बाद बजाज ऑटो ने इस का modification कर स्कूटर LMN vespa बनाया जिस की दिख बहुत सुंदर थी लेकिन यह स्कूटी के विरुद्ध मुकाबला नही कर सका कारण इस समय तक देश में आर्थिक दशा कुछ बेहतर हो चुकी थी तनखाह पेंशन खेती व्यापार संतुष्ट था परिवार बड़े थे पारिवारिक शरीराक ऊर्जा लोगो में थी एक दुसरे से मिलकर पैसा इकट्ठा हो जाता था लोगो में एकता थी इसी समय के दौरान 1983 में देश की प्रधान मंत्री इंद्रागांधी ने मारुति कार 800 का श्रीगणेश किया यह कार देश में लोगो के ऐसी पसंद आई की चेतक स्कूटर का भी रिकॉर्ड तोड दिया वास्तव में यह गाड़ी आज भी लोगो के दिलो पर राज करती है घर में जितने सुख इस गाड़ी ने दिए वह आज 20लाख वाली गाड़ी भी नही दे सकी कारण गाड़ी का कंट्रोल इस की रिपेयरिंग बहुत सस्ती थी पेट्रोल बहुत सस्ता था आगमन के समय इस नई गाड़ी की कीमत 40 हजार थी 1995 में यह गाड़ी गावों की पसंद बन गई मैंने 1999 में 94मॉडल secondhand अपने बॉस से खरीदा इस ने परिवार में बहुत सेवा की इसलिए यह गाड़ी आज भी यादगार के रूप में घर में है लोग पूछते है आप कब तक इस को रखोगे हमारा जवाब होता है जब तक हम पति पत्नी जीवित हैं दर्शन करने से वह पुरानी सारी यादें ताजा हो जाती है हमे उर्जा मिलती है वाहन की सेवा से मेवा मिलता है





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