लंबरदार,जैलदार, जमीदार और चौधरी ब्रिटिश भारत के अन्दर ऊपर वाले चारो आदमी उस समय के गोरे लोगो के राइट हैंड मान लीजिए और DC के असली खजाना मंत्री थे जिले के खासमखास पावरफुल आदमी थे गोरे लोगो ने लंबरदार की ड्यूटी अपने अपने गांव से राजस्व इकट्ठा करना जैल एक गांवो के समुह का नाम जैलदार 40- 50 गांवों के समुह का जिमेवार होता था कानूनी व्यवस्था को बनाए रखना जमींदार गांव की सारी जमीन के मालिक होते थे अगर एक गांव की 2000 एकड़ जमीन है तो गांव में तीन या चार जमीदार होते थे बाकी गांववासी काश्तकार होते थे अर्थात फसल को बोना काटना गरीब किसान होते थे या यूं कहे गुलाम होते थे पंजाब में जैलदार को देश में चौधरी या प्रधान बोला जाता था चौधरी का काम जैलदार वाला ही था कानूनी वयवस्था को बनाए रखना गांवों से राजस्व को समय पर जमा करवाना जैलदार को राजस्व का 1%मिलता था लंबरदार को 5% जमीदार को अच्छी फसल होने से अधिक लाभ होता था अभी हम इन के ठठबाठ की बात कर लेते है सब से अधिक name and fame लंबरदार का था कहने को तो जैलदार बड़ा होता था...