पेड़ और हरियाली(Greenery)

Fruit tree

 100साल पहले हमारे देश में  ना कोई बिजली थी न कोई बिजली का पंखा,ना कोई keroscene तेल ना कोई कोयला और ना कोई गैस सिलेडर ना कोई सीमेंट का छत और न कोई लोहे का छत सब कुछ हमे पेड़ो से मिलता था,छाया भी पेड़ो से जलाने के लिए लकड़ी भी पेड़ो और छत भी पेड़ो से और तो और खाने के लिए भी पेड़ों से और शुद हवा भी पेड़ो से मिलती थी हमारा इस में कोई खर्चा भी नही था सेहत भी फिट हाजमा भी फिट,घर कच्चे लोग सच्चे होते थे,नदी नालों में साफ पानी बहता था चारो तरफ खुब हरियाई होती थे जिस से समय पर बरसात होती थी पशु हमारे  खेतो में ओपन में चर्ते थे  और शुद  दूध देते थे अर्थात सब कुछ naturally होता था किसी के घुटने दर्द नही करते थे 

        आज भी पेड़ो के कारण ही हम pollution पर कंट्रोल कर रहे है 2010 ई में govt ने National Green tribunal का एक्ट बनाया इस को पुरे देश में स्थापित किया जिस के कारण पेड़ो की कटाई को रोका  या सीमित किया गया ताकि वातावरण को  साफ सुथरा रखा जा सके act के अनुसार किसी भी पेड़ को काटने के लिए पहले सरकार से मंजूरी लेनी पड़ेगी चाहे पेड़ सरकारी हो या प्राइवेट,पहले पेड़ नए लगाए जाएंगे फिर उन को काटा जाएगा सड़को पर Trees को लगाना लाजमी कर दिया गया Govt पेड़ो को लगाने पर subsidy देती है फलदार वृक्ष हमे खाने को भी देते है और pollution को भी कंट्रोल करते है मैं खुद 32 फलदार पेड़ लगा रखे है बाजार से फ्रूट लेने की हमे जरूरत ही नही पड़ती ये पेड़ अगले 70साल तक मुझे खाने को देते रहेंगे अच्छा ब्लॉग लिखने का मौका मिला है

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